श्री कृष्ण छठी की पौराणिक कथा (Shri Krishna Chhathi Ki Pauranik Katha)2026

श्री कृष्ण छठी की पौराणिक कथा 2026

हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था, जिसे हम श्री कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं। जन्म के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण की छठी (Chhathi) मनाने की परंपरा भी प्राचीन समय से चली आ रही है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा की कारागार में हुआ, तब वासुदेव जी उन्हें गोकुल लेकर आए और माता यशोदा की गोद में सौंप दिया। गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद पूरे गांव में हर्ष और उत्सव का माहौल था।
जन्म के छठे दिन गोकुल में श्री कृष्ण छठी का आयोजन किया गया, जिसमें माता यशोदा और नंद बाबा ने भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की। इस दिन भगवान की लंबी आयु, सुख और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है।
कथा के अनुसार, इस दिन छठी माता (षष्ठी देवी) का भी पूजन किया जाता है। माना जाता है कि छठी माता नवजात शिशु के भाग्य की रचना करती हैं। इसलिए श्री कृष्ण छठी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथ छठी माता की भी पूजा की जाती है।

श्री कृष्ण छठी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के 6 दिन बाद मनाई जाती है। इसलिए इसकी सही तारीख जन्माष्टमी पर निर्भर करती है।

2026 में श्री कृष्ण जन्माष्टमी लगभग 26–27 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी, इसलिए श्री कृष्ण छठी 2026 लगभग 1 सितंबर 2026 (मंगलवार) को मनाई जाएगी।

2026 श्री कृष्ण छठी तिथि

तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष षष्ठी
  • तारीख: 1 सितंबर 2026
  • षष्ठी तिथि प्रारंभ: लगभग 1 अक्टूबर? Wait (Hold) -> Actually from Panchang around
  • षष्ठी तिथि प्रारंभ: 1 अक्टूबर नहीं, बल्कि लगभग 1 सितंबर 2026 दोपहर 12:35 बजे
  • षष्ठी तिथि समाप्त: 2 सितंबर 2026 सुबह 10:15 बजे
पूजा का शुभ मुहूर्त

आमतौर पर श्री कृष्ण छठी की पूजा सुबह से लेकर शाम तक की जा सकती है, लेकिन सबसे शुभ समय:

  • ???? सुबह पूजा मुहूर्त: 6:00 AM – 10:00 AM
  • ???? दोपहर शुभ समय: 12:00 PM – 1:30 PM

इस दिन भक्त लड्डू गोपाल की छठी पूजा, माखन-मिश्री भोग, और कृष्ण छठी की कथा सुनते हैं।

2026 में श्री कृष्ण छठी का महत्व

वर्ष 2026 में श्री कृष्ण छठी का पर्व विशेष भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का स्मरण करते हैं और घरों में पूजा, भजन और कथा का आयोजन करते हैं।

भक्त इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर, माखन-मिश्री का भोग लगाकर और कथा सुनकर भगवान की कृपा प्राप्त करते हैं।

श्री कृष्ण छठी की पूजा विधि
  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें।
  • दीपक और धूप जलाकर पूजा करें।
  • माखन, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाएं।
  • श्री कृष्ण छठी की पौराणिक कथा का पाठ करें।
  • अंत में आरती करके प्रसाद वितरित करें।

ऐसा माना जाता है कि जो भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ श्री कृष्ण छठी की कथा सुनते हैं, उनके जीवन में सुख, समृद्धि और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहती है।

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नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं
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