आरती

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे भजन | Bhor Bhee Din Chadh Gaya Meri Ambe Bhajan

“भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे” माता रानी का एक अत्यंत लोकप्रिय और श्रद्धा से भरा हुआ भजन है जिसे विशेष रूप से नवरात्रि, दुर्गा पूजा और माता की चौकी के समय गाया जाता है। इस भजन में भक्त माँ दुर्गा से प्रार्थना करते हैं कि वे अपने भक्तों पर कृपा करें और उनके जीवन से दुख-कष्ट दूर करें। यह भक्ति गीत माता अम्बे की महिमा और उनकी करुणा को दर्शाता है, जिसे सुनकर भक्तों का मन श्रद्धा और भक्ति से भर जाता है।

श्री गौमाता जी की आरती | Shri Gaumata Ji Ki Aarti Lyrics

श्री गौमाता जी की आरती हिंदू धर्म में गौमाता के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का एक पवित्र भक्ति गीत है। गौमाता को सनातन धर्म में माता के समान पूजनीय माना जाता है और उन्हें सभी देवी-देवताओं का निवास स्थान भी कहा गया है। गौमाता की आरती करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। कई भक्त रोज़ सुबह या विशेष धार्मिक अवसरों पर Gaumata Aarti गाकर गौसेवा और गौपूजन का महत्व याद करते हैं।

श्री परशुराम जी की आरती (Shri Parshuram Ji Ki Aarti)

श्री परशुराम जी की आरती भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम को समर्पित एक पवित्र भक्ति आरती है। हिंदू धर्म में परशुराम जी को धर्म की रक्षा करने वाले महान योद्धा और ब्राह्मण ऋषि के रूप में पूजा जाता है। भक्त विशेष रूप से परशुराम जयंती, पूजा या धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान इस आरती का पाठ करते हैं। इस आरती को गाने से भगवान परशुराम की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में साहस, धर्म और शक्ति की प्राप्ति होती है।

श्री ब्रह्मा जी की आरती | Shri Brahma Ji Ki Aarti

श्री ब्रह्मा जी की आरती सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा को समर्पित एक पवित्र भक्ति आरती है। हिंदू धर्म में ब्रह्मा जी को सृष्टि का निर्माता माना जाता है और वे त्रिमूर्ति—ब्रह्मा, विष्णु और महेश—में से एक हैं। भक्त विशेष रूप से पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक अवसरों पर इस आरती का पाठ करते हैं। ब्रह्मा जी की आरती गाने से ज्ञान, सृजनात्मक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

श्री विश्वकर्मा जी की आरती | Shri Vishwakarma Ji Ki Aarti Lyrics

श्री विश्वकर्मा जी की आरती सृष्टि के दिव्य शिल्पकार और वास्तु के देवता भगवान विश्वकर्मा को समर्पित पवित्र आरती है। हिंदू धर्म में विश्वकर्मा जी को निर्माण, वास्तुकला और तकनीकी कौशल के देवता माना जाता है। विशेष रूप से विश्वकर्मा पूजा और विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर भक्त इस आरती का पाठ करते हैं। विश्वकर्मा जी की आरती करने से कार्यों में सफलता, समृद्धि और निर्माण कार्यों में उन्नति की प्राप्ति होती है।

श्री धन्वन्तरि जी की आरती | Shri Dhanvantari Ji Ki Aarti

श्री धन्वन्तरि जी की आरती भगवान धन्वन्तरि को समर्पित एक पवित्र भक्ति आरती है। हिंदू धर्म में भगवान धन्वन्तरि को आयुर्वेद और स्वास्थ्य के देवता माना जाता है। वे समुद्र मंथन के समय अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। विशेष रूप से धनतेरस, धन्वन्तरि जयंती और आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भक्त इस आरती का पाठ करते हैं। धन्वन्तरि जी की आरती करने से स्वास्थ्य, दीर्घायु और रोगों से मुक्ति की कामना की जाती है।

श्री कुबेर जी की आरती | Shri Kuber Ji Ki Aarti

श्री कुबेर जी की आरती धन के देवता भगवान कुबेर को समर्पित एक पवित्र भक्ति आरती है। हिंदू धर्म में कुबेर जी को धन, संपत्ति और समृद्धि के अधिपति माना जाता है। विशेष रूप से धनतेरस, दीपावली और कुबेर पूजा के अवसर पर भक्त इस आरती का पाठ करते हैं। कुबेर जी की आरती करने से धन-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है।