व्रत एवं त्यौहार

परिवर्तनी एकादशी 2026: चातुर्मास के दौरान जब भगवान विष्णु बदलते हैं करवट, जानें इस दिन की पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का बहुत महत्व है। हर एक त्योहार और व्रत से जुड़ी कई कथाएं होती हैं, जिन्हें पढ़ने और जानने से व्यक्ति को धार्मिक लाभ होते हैं।

डोल ग्यारस 2026: भगवान श्रीकृष्ण की जलवा पूजन से जुड़ा है ये त्योहार, जानें इस दिन का महत्व और पूजा विधि

यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान श्री कृष्ण की पूजा और उत्सव के लिए मनाया जाता है।

Teja Dashmi 2026: तेजाजी महाराज ने वचन के लिए दे दी थी अपनी जान, जानिए क्या है भगवान शिव के अवतार से जु़ड़ी कहानी

तेजाजी महाराज राजस्थान के ऐसे वीर योद्धा और वचन निभाने वाले राजा हुए जिनकी याद में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को तेजा दशमी का पर्व मनाया जाता है।

क्या है श्री राधा के पुनर्जन्म की पौराणिक कहानी? राधाष्टमी 2026 पर जानें पूजा विधि, महत्व और सभी मान्यताएं |

भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी का प्रेम संसार में प्रसिद्द है। दुनिया भर के मंदिरों में जहां भी श्री कृष्ण विराजमान हैं, वहां राधा रानी भी उनके साथ विराजती है।

ज्येष्ठ गौरी आह्वान 2026: गणेश आगमन के तीन दिन बाद इस रूप में धरती पर आती हैं मां पार्वती

ज्येष्ठ गौरी आह्वान 2026 हिंदू धर्म का एक विशेष पर्व है जिसमें मां पार्वती को ज्येष्ठ गौरी के रूप में घर बुलाया जाता है। यह परंपरा खासतौर पर गणेश उत्सव के तीसरे दिन मनाई जाती है। इस दिन भक्त मां गौरी का आह्वान करके सुख, समृद्धि और परिवार की रक्षा का आशीर्वाद मांगते हैं।

संतान सप्तमी 2026: जानें क्यों मनाई जाती है संतान सप्तमी, क्या है व्रत का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

संतान सप्तमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण व्रत है जो संतान सुख, संतान की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। वर्ष 2026 में यह व्रत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से संतान से जुड़े कष्ट दूर होने और परिवार में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।