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ज्येष्ठमास की पूर्णिमा को किया जाने वाला व्रत
वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। वट सावित्री पूर्णिमा के दिन महिलाएं बरगद के वृक्ष की पूजा करती हैं और माता सावित्री का स्मरण करती हैं। इस दिन स्नान के बाद व्रत संकल्प लेकर पूजा की थाली तैयार की जाती है। बरगद के वृक्ष पर जल, रोली, अक्षत, फूल अर्पित किए जाते हैं और धागा बांधकर परिक्रमा की जाती है। अंत में व्रत कथा सुनकर आरती की जाती है।
पूजा की विधि (Step-by-Step):
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