जय गणेश देवा आरती | Shri Ganesh Ji Ki Aarti (विघ्नहर्ता गणपति स्तुति)

।।  आरती ।।  


जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा, 

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।। 



एक दन्त दयावन्त, चार भुजाधारी,

माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी।।



पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़ें मेवा,

लडुअन के भोग लगा संत करें सेवा।।


जय गणेश जय गणेश….



अन्धन को आँख देत, कोढ़िन को काया, 

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।।  



हार चढ़ें फूल चढ़ें और चढ़ें मेवा,

लडुअन को भोग लगे संत करें सेवा।। 


जय गणेश जय गणेश…..



दीनन की लाज रखो, शंभू सुतकारी, 

कामना को पूर्ण करो, जाऊँ बलिहारी।। 



सूर श्याम शरण आये, सफल कीजे सेवा,

लडुअन को भोग लगे संत करें सेवा।। 



जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,

माता जाकी पार्वती, पिता महादेव।।


गणेश जी की आरती का शुभ समय और इसके लाभ:


गणेश जी की आरती किसी भी दिन की जा सकती है, लेकिन इन दिनों में करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है:


गणेश जी की आरती का शुभ दिन और समय


1. बुधवार: बुधवार का दिन गणेश जी को समर्पित है, इसलिए इस दिन आरती करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

2. गणेश चतुर्थी: गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी की आरती करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

3. पूर्णिमा: पूर्णिमा के दिन गणेश जी की आरती करना शुभ माना जाता है।

4. अमावस्या: अमावस्या के दिन गणेश जी की आरती करना भी शुभ माना जाता है।


इसके अलावा, आप गणेश जी की आरती किसी भी शुभ मुहूर्त में कर सकते हैं, जैसे कि:


- प्रातःकाल: सूर्योदय से पहले गणेश जी की आरती करना शुभ माना जाता है।

- मध्याह्न: दोपहर में भी 12 बजे तक आप गणेश जी की आरती कर सकते हैं। 

- संध्याकाल: सूर्यास्त के समय गणेश जी की आरती करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।



आरती करने से पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। आरती के दौरान गणेश जी की मूर्ति या चित्र के सामने बैठें और दीपक जलाएं। आरती के बाद, प्रसाद वितरित करें।


गणेश जी की आरती के लाभ:


  1. बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति: गणेश जी की आरती से भक्तों को बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
  2. सुख और समृद्धि की प्राप्ति: गणेश जी की आरती से भक्तों को सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
  3. रोग और बीमारी का नाश: गणेश जी की आरती से भक्तों को रोग और बीमारी से मुक्ति मिलती है।
  4. विघ्न और बाधाओं का नाश: गणेश जी की आरती से भक्तों को विघ्न और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
  5. मानसिक शांति और संतुष्टि: गणेश जी की आरती से भक्तों को मानसिक शांति और संतुष्टि मिलती है।
  6. आत्मविश्वास और संकल्प की वृद्धि: गणेश जी की आरती से भक्तों को आत्मविश्वास और संकल्प की वृद्धि होती है।
  7. भगवान की कृपा की प्राप्ति: गणेश जी की आरती से भक्तों को भगवान की कृपा की प्राप्ति होती है।
  8. जीवन में सफलता और सिद्धि: गणेश जी की आरती से भक्तों को जीवन में सफलता और सिद्धि मिलती है।


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शिवाष्ट्कम्: जय शिवशंकर, जय गंगाधर.. पार्वती पति, हर हर शम्भो (Shivashtakam: Jai Shivshankar, Jai Gangadhar..Parvati Pati, Har Har Shambho)

जय शिवशंकर, जय गंगाधर, करुणाकर करतार हरे,
जय कैलाशी, जय अविनाशी, सुखराशी सुख-सार हरे,

सन्तोषी माता/शुक्रवार की ब्रत कथा (Santhoshi Mata / Sukravaar Ki Vrat Katha

एक नगरमें एक बुढ़ियाके सात पुत्र थे, सातौके विवाह होगए, सुन्दर स्त्री घर में सम्पन्न थीं। बड़े बः पुत्र धंधा करते थे बोटा निठल्ला कुछ नहीं करता था और इस ध्यान में मग्न रहता था कि में बिना किए का खाता हूं।

जय गणेश देवा आरती | Shri Ganesh Ji Ki Aarti (विघ्नहर्ता गणपति स्तुति)

गणेश जी की आरती भगवान गणपति की स्तुति में गाई जाने वाली सबसे लोकप्रिय और मंगलकारी आरतियों में से एक है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि के दाता और सभी शुभ कार्यों के आरंभ में पूजे जाने वाले देवता माना जाता है। भक्त विशेष रूप से गणेश चतुर्थी, बुधवार पूजा, गणपति उत्सव और दैनिक मंदिर आरती के समय इस आरती का गान करते हैं। श्रद्धा से गणेश जी की आरती करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और बुद्धि, सफलता तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

दारिद्र्य दहन शिवस्तोत्रं (Daridrya Dahana Shiva Stotram)

विश्वेश्वराय नरकार्णव तारणाय
कणामृताय शशिशेखरधारणाय ।