श्री लक्ष्मीनारायण जी की आरती भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के दिव्य युगल स्वरूप की स्तुति में गाई जाने वाली पवित्र आरती है। लक्ष्मीनारायण को संसार के पालनकर्ता और समृद्धि प्रदान करने वाले देव स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। भक्त विशेष रूप से लक्ष्मी-नारायण पूजा, वैष्णव मंदिर आरती, एकादशी व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों के समय इस आरती का गान करते हैं। श्रद्धा से इस आरती का पाठ करने से जीवन में सुख, शांति, धन-समृद्धि और भगवान विष्णु-लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पवित्र व्रतों में से एक है। इस दिन पवित्र नदी या तालाब या कुआं में स्नान करके व्रत को धारण करना चाहिए
श्री राधे वुषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार ।
वृन्दाविपिन विहारिणी, प्रानावौ बारम्बार ॥
भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी का प्रेम संसार में प्रसिद्द है। दुनिया भर के मंदिरों में जहां भी श्री कृष्ण विराजमान हैं, वहां राधा रानी भी उनके साथ विराजती है।