जय ललिता त्रिपुरा सुंदरी आरती | Lalita Mata Aarti

जय शरणं वरणं नमो नमः

जय शरणं वरणं नमो नमः

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी।

राजेश्वरी जय नमो नमः॥

जय शरणं वरणं नमो नमः.....


करुणामयी सकल अघ हारिणी।

अमृत वर्षिणी नमो नमः॥

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी॥

राजेश्वरी जय नमो नमः॥

जय शरणं वरणं नमो नमः.....


अशुभ विनाशिनी, सब सुख दायिनी।

खल-दल नाशिनी नमो नमः॥

भण्डासुर वधकारिणी जय माँ।

करुणा कलिते नमो नम:॥

जय शरणं वरणं नमो नमः.....


भव भय हारिणी, कष्ट निवारिणी।

शरणागति दो नमो नमः॥

शिव भामिनी साधक मन हारिणी।

आदि शक्ति जय नमो नमः॥

जय शरणं वरणं नमो नमः।


जय त्रिपुर सुन्दरी नमो नमः।

जय राजेश्वरी जय नमो नमः॥

जय ललितेश्वरी जय नमो नमः।

जय अमृतवर्षिणी नमो नमः॥

जय शरणं वरणं नमो नमः।


श्री ललिता माता की जय

........................................................................................................
वीरविंशतिकाख्यं श्री हनुमत्स्तोत्रम् (Viravimshatikaakhyam Shri Hanumatstotram)

लाङ्गूलमृष्टवियदम्बुधिमध्यमार्ग , मुत्प्लुत्ययान्तममरेन्द्रमुदो निदानम्।

ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी (Jyeshth Maas Ki Shukla Paksh Ki Nirjala Ekaadashi)

एक समय महर्षि वेद व्यास जी महाराज युधिष्ठिर के यहाँ संयोग से पहुँच गये। महाराजा युधिष्ठिर ने उनका समुचित आदर किया, अर्घ्य और पाद्य देकर सुन्दर आसन पर बिठाया, षोडशोपचार पूर्वक उनकी पूजा की।

सोमवती अमावस्या 2026: व्रत, पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त

सोमवती अमावस्या हिंदू धर्म में बेहद पवित्र मानी जाती है। जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह विशेष तिथि श्रद्धालुओं के लिए भगवान शिव और पीपल वृक्ष की पूजा का महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन व्रत, स्नान, दान और विशेष पूजा विधि का पालन करने से सुख-समृद्धि और पितृ दोष से मुक्ति की मान्यता है।

जय गणेश देवा आरती | Shri Ganesh Ji Ki Aarti (विघ्नहर्ता गणपति स्तुति)

गणेश जी की आरती भगवान गणपति की स्तुति में गाई जाने वाली सबसे लोकप्रिय और मंगलकारी आरतियों में से एक है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि के दाता और सभी शुभ कार्यों के आरंभ में पूजे जाने वाले देवता माना जाता है। भक्त विशेष रूप से गणेश चतुर्थी, बुधवार पूजा, गणपति उत्सव और दैनिक मंदिर आरती के समय इस आरती का गान करते हैं। श्रद्धा से गणेश जी की आरती करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और बुद्धि, सफलता तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।