आरती

ॐ जय जगदीश हरे आरती | Bhagwan Jagdish Ji Ki Aarti (विष्णु स्तुति)

जगदीश जी की आरती भगवान विष्णु के पवित्र स्वरूप की स्तुति में गाई जाने वाली अत्यंत प्रसिद्ध और भक्तिमय आरती है। “ॐ जय जगदीश हरे” आरती को हिंदू धर्म में घरों और मंदिरों में दैनिक पूजा के अंत में गाया जाता है। भगवान जगदीश को सृष्टि के पालनकर्ता और भक्तों के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। श्रद्धा से इस आरती का गान करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

जय शीतला माता आरती | Sheetla Mata Ji Ki Aarti (आरोग्य और रक्षा की देवी)

श्री शीतला माता जी की आरती रोगों से रक्षा करने वाली देवी शीतला माता की स्तुति में गाई जाने वाली पवित्र आरती है। सनातन धर्म में शीतला माता को स्वास्थ्य और रोगों से मुक्ति प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। भक्त विशेष रूप से शीतला अष्टमी, शीतला सप्तमी, माता पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के समय इस आरती का श्रद्धा से पाठ करते हैं। माना जाता है कि शीतला माता की आरती और पूजा करने से परिवार में स्वास्थ्य, सुख-शांति और रोगों से रक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

लक्ष्मी-नारायण प्रभु की आरती | Shri Lakshmi Narayan Ji Aarti (विष्णु-लक्ष्मी स्तुति)

श्री लक्ष्मीनारायण जी की आरती भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के दिव्य युगल स्वरूप की स्तुति में गाई जाने वाली पवित्र आरती है। लक्ष्मीनारायण को संसार के पालनकर्ता और समृद्धि प्रदान करने वाले देव स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। भक्त विशेष रूप से लक्ष्मी-नारायण पूजा, वैष्णव मंदिर आरती, एकादशी व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों के समय इस आरती का गान करते हैं। श्रद्धा से इस आरती का पाठ करने से जीवन में सुख, शांति, धन-समृद्धि और भगवान विष्णु-लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

श्री बद्रीनाथजी जी की आरती | बद्रीनाथ धाम आरती (नारायण भक्ति स्तुति)

श्री बद्रीनाथजी जी की आरती भगवान विष्णु के बद्रीनाथ स्वरूप की स्तुति में गाई जाने वाली पवित्र और दिव्य आरती है। उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ धाम चार धामों में से एक प्रमुख तीर्थ माना जाता है, जहां भगवान बद्रीनारायण की पूजा की जाती है। भक्त विशेष रूप से बद्रीनाथ मंदिर आरती, चारधाम यात्रा, वैष्णव पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के समय इस आरती का श्रद्धा से गान करते हैं। बद्रीनाथ जी की आरती करने से भगवान विष्णु की कृपा, आध्यात्मिक शांति और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

जय सत्यनारायण भगवान आरती | Satyanarayan Ji Ki Aarti (विष्णु भक्ति)

श्री सत्यनारायण जी की आरती भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की स्तुति में गाई जाने वाली पवित्र और श्रद्धामयी आरती है। हिंदू धर्म में सत्यनारायण भगवान को सत्य, धर्म और कल्याण के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। भक्त विशेष रूप से सत्यनारायण व्रत कथा, पूर्णिमा पूजा, गृह पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के समय इस आरती का पाठ करते हैं। श्रद्धा और भक्ति से सत्यनारायण जी की आरती करने से जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।

हनुमान लला आरती | Shri Hanuman Lalla Ji Ki Aarti (बजरंगबली स्तुति)

श्री हनुमानलला जी की आरती भगवान हनुमान के बाल स्वरूप की स्तुति में गाई जाने वाली भक्तिमय आरती है। हनुमान लला को श्रीराम के परम भक्त और शक्ति, साहस तथा भक्ति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। भक्त विशेष रूप से हनुमान जयंती, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, सुंदरकांड पाठ और मंदिर आरती के समय इस आरती का गान करते हैं। श्रद्धा से हनुमान लला की आरती करने से भय, संकट और बाधाएं दूर होती हैं तथा जीवन में साहस, ऊर्जा और भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है।

सिद्धिविनायक गणपति आरती | Shri Siddhivinayak Ji Ki Aarti (गणेश भक्ति)

श्री सिद्धिविनायक जी की आरती भगवान गणेश के सिद्धिविनायक स्वरूप की स्तुति में गाई जाने वाली अत्यंत पवित्र और मंगलमयी आरती है। सिद्धिविनायक गणपति को विघ्नहर्ता और सभी कार्यों को सफल बनाने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। भक्त विशेष रूप से गणेश चतुर्थी, बुधवार पूजा, गणपति उत्सव और मंदिर आरती के समय इस आरती का श्रद्धा से गान करते हैं। माना जाता है कि सिद्धिविनायक जी की आरती करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सफलता, बुद्धि तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।