आरती श्री पितर जी की पितृ देवताओं को समर्पित एक पवित्र भक्ति आरती है। सनातन धर्म में पितरों को अत्यंत सम्मान और श्रद्धा दी जाती है क्योंकि वे हमारे पूर्वज और कुल के रक्षक माने जाते हैं। भक्त विशेष रूप से पितृ पक्ष, श्राद्ध कर्म, अमावस्या और पितृ तर्पण के समय इस आरती का पाठ करते हैं। पितर देव की आरती करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, पितृ दोष शांत होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।